भाई रोहित सरधाना जी


मेरे सभी प्यारे गुर्जर भाइयो , बहनो , मित्रो व आदरणीय गणों को को ह्रदय की गहराइयों से राम राम ।

आज मै आपको गुर्जर समाज के एक महान सम्मान्य कवि (भाई रोहित सरधाना) जी , जो कि हरियाणा के फरीदाबाद जिले के प्रह्लादपुर गाँव के वासी है आज में उनके जीवन की कथा आपके लिए लाया हूँ।

रोहित सरधाना जी का जन्म 19 जुलाई सन् 1993 प्रह्लादपुर गाँव में हुआ । इनके दादा जी का नाम श्री श्रीचंद सरपंच है और इनके पिता का नाम श्री देवकरण है व माता जी का नाम श्रीमती श्यामवती है। रोहित सरधना जी ने अपनी सातवीं कक्षा तक कि पढ़ाई आपने गाँव से ही पूर्ण की और बाकी की पढ़ाई तिगाँव व पलवल से की ।
इसके बाद उन्होंने कॉलेज में बी.ए में दाखिला लिया । वो कॉलेजो जाने के ज्यादा इछुक नहीं थे । इसलिए वो अपना ज्यादा समय दोस्तो के साथ व्यतीत करना पसंद करने लगे । सामाजिक विवादों के चलते उनको कई बार हिंसा का मार्ग अपनाना पड़ा । इसके चलते कुछ समय बाद उन्होंने समाज को एक करने का निर्णय लिया ।

रोहित सरधाना जी आपने माता
पिता के इकलौते लड़के है व उनकी चार बहन है । उनको उनकी बहन मोनिका व प्रीति ने हमेशा संगीत व समाज एकता के कार्य मे पूर्ण समर्थन दिया । इनकी पत्नी का नाम श्रीमती संजना जी है। रोहित सरधाना जी का विवाह 24 फ़रवरी को सन् 2012 को मुंजेडी गाँव के एक सम्पंन् परिवार में हुआ।
इनकी पत्नी इनके इस कार्य से न तो पहले संतुष्ट थी और न ही आज संतुष्ट हैं। इनके घर वालो ने भी इनको ज्यादा सर्मथन नही दिया लेकिन हर रात के बाद दिन जरूर होता है आज इनके घर वालो के साथ साथ पूरा गाँव इनकी सफलता दिखकर बहुत प्रसन्न है व इनको पूरा समर्थन देते है। रोहित सरधाना जी को रागनी सुनने का शुरू से ही बहुत शौक है। सुनते सुनते हमारे भाई रागनी , रसिया व भजनों को गाने और लिखने लगे ।
इन्होंने सबसे पहले एक रागनी लिखी थी(गुर्जर,ठाकुर,जाट रागनी) जिसने बहुत नाम कमाया इससे इनके हौसले और बुलंद होते चले गए और रोहित सरधाना जी और भी रागनियां लिखते चले गए और खूब नाम कमाते रहे । हरयाणवी संगीत के दो वरिष्ठ गायक श्री हरेंद्र नगर जी व श्री सतपाल दोसा जी ने भी इनका बढ़- चढ़कर साथ दिया और हमेशा प्रोत्साहित किया ।इसमे famous singer हरिंदर नागर हस्तिनापुर ने भाई रोहित सरधाना जी का हमेशा ज़िन्दगी के हर मोड़ पर साथ दिया है रोहित सरधाना जी ने गुर्जर समाज के कोई भी गाने , भजन और रागनी लिखने का कोई पैसा नही लिया । इनका नाम अन्य देशो में भी जाना जाता है। पाकिस्तान के गुर्जर भी इनसे बहुत प्यार करते हैं इनके गुरु पिरु पीर जी हैं जो कि बहुत ही बड़े कवि हुए है । भाई रोहित सरधाना गुर्जर जी ने बहुत ही कम उम्र में बहुत नाम कमा लिया है । इन्होंने गुर्जर समाज के अलावा कोई गाना , रागनी नही गाया व लिखा है। भाई रोहित सरधाना जी का लक्ष्य गुर्जर समाज मे एकता व भाईचारा हमेशा बना रहा है व हम उम्मीद करते है कि ये बना ही रहेगा। रोहित सरधाना जी ने 100 से भी अधिक रागनी , रसिया और गाने लिखे है ।
इनके लिखे हुए कुछ super hit गानों के नाम आप भी जानना चाहेंगे वो कुछ इस प्रकार हैं पपला गुर्जर song, धोला गुर्जरी , कबूतरी , सुंदर गुर्जर song , दबंग गुर्जरी , गुर्जर का रोब , शेर गुर्जर , गुर्जर की फरियाद , गुर्जर काफिला , गुर्जर और जेल,गुर्जर gangester,गुर्जर की जंग आदि है)।
रोहित सरधाना भाई एक बहुत साधारण जीवन जीते है इनको सादा भोजन व सादा जीवन ही पसंद है।
रोहित सरधाना जी सुबह प्रातःकालीन उठकर गाँव के सिद्धि मंदिर बाबा केसव दास जी के मंदिर में साफ़ - सफाई करते है। भाई रोहित सरधाना जी का मानना है कि पपला गुर्जर ने समाज के लिए लड़ाई लड़ी है तथा इन्होंने पपला गुर्जर जी के जीवन पे एक गाना भी बनाया है हालांकि उस पर अभी पुलिस प्रशासन कार्यवाही कर रहा है ।
लेकिन भाई जल्द ही गाना लेकर आ रहे है ।
भाई रोहित सरधाना जी की गाने (हरयाणवी कल्चर , शक्ति म्यूजिक , विकल म्यूजिक , शिशोदिया कैसिट्स,डी. एन म्यूजिक,लोहिया film's आदि चॅनेल्स के द्वारा प्रसारित किए जाते है। भाई रोहित सरधाना जी को उनके गाँव के ये लोग जो की उन्हे बहुत support करते हैं ( लीलू सरधाना , महेश सरधाना , जिल्ले सिंह नागर,पार्षद सुनील सरधाना,गयानिदर सरधाना , योगी सरधाना , राजा सरधाना , धीरेन्द्र उर्फ कानी सरधाना रोहित सरधाना जी के चाचा के लड़के (अंकित सरधाना व रिंकु सरधाना )और चाचा विनोद सरधाना जी ) ने भी इनका पूर्ण समर्थन किया ।
भाई सुशील बसोया जी का भी पूर्ण योगदान रहा जो कि व्यक्तिगत बहुत ही सभ्य व सामाजिक व्यक्ति हैं साथ ही पवन मंगरिया व लाला हरसाना जी का भी पूर्ण सहयोग रहा । गौ सेवक भाई रननु गुर्जर भी इनको आपने छोटे भाई जैसा मानते है model भाई गगन गाल्याण का भी समर्थन रहा है और आज विशाल गुर्जर समाज इनके साथ हैं और साथ ही रहेगा।
भाई रोहित सरधाना जी की विचारधारा है कि विशाल गुर्जर समाज एक जुट होकर अतिविशाल का रूप धारण करे ।

जय गुर्जर समाज
जय गुर्जर एकता
इंकलाब जिंदाबाद
जय हिंद

धन्यवाद

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